Thursday, March 19, 2020

आत्म बोध- एक साधना

अंग्रेजी में एक कहावत है : "वेन लाइफ गिव्स यू ए लेमन, मेक लेमोनेड" ​मतलब जब जिंदगी आपको नींबू दे, तो उसकी
शिकंजी बना कर पी जाओ। ​अर्थात, जिदंगी से मिलने वाले कड़वे अनुभवों का उपयोग आगे की जिदंगी को बेहतर बनाने के लिए करें। दुनिया को साबित करना बंद कर दे कि आप कितने बुद्धिमान हैं। खुद से प्रेम करें अपने आप को कभी भी किसी से कम ना समझें जीवन एक यात्रा है इसमें कुछ लोग हम से आगे हैं तो कुछ लोग हम से पीछे तो कुछ लोग हमारे बराबर भी चौड़े से खड़े हैं तो धैर्य के साथ इस यात्रा में आगे बढ़ते रहें। आज आपकी प्रतिस्पर्धा किसी और से नही बल्कि खुद से है, खुद को अपडेट करें और एक अच्छा अपडेटेड वर्जन बनने का प्रयत्न रोज करे और हाँ दूसरों से अनुमोदन नहीं करे। मेहनत हाथ में लगी मेहँदी की तरह होती है, यदि सावधानी से धीरज रखोगे तो निखार भी बढ़िया आएगा नहीं तो हाथ की रेखाएं भी छिप जाएँगी अब हम 'बाबा आल तू जलाल तू' तो ठहरे नहीं जो भविष्य देख सकते हैं, इसलिए हमारे द्वारा लिया गया निर्णय सही होगा या गलत यह हमें निर्णय लेने के बाद ही ज्ञात होगा। अतः परिस्थिति
को समझिये, खुद पर विश्वास रखिये और तब निर्णय लीजिये। मनुष्य अपनी महत्वाकांक्षा के लिये किसी भी हद तक जा सकता है। लेकिन एक बिंदु पर आ कर उसे दिल और दिमाग मे से एक की सुननी पड़ती है और यही वह बिंदु होता है जो तय करता है कि वह महत्वाकांक्षी है या अतिमहत्वाकांक्षी। महत्वाकांक्षी होना कोई बुरी बात नहीं है, यह एक मानवीय भावना है। हर कोई अपने क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है और बढ़ना भी चाहिए  लेकिन महत्वकांक्षा और अतिमहत्वाकांक्षी के बीच आपकी भावनाओं और दिमाग के बीच का नियंत्रण तय करता है की आखिर आप बैंड बजाना  चाहते हैं या जेम्स बाण्ड बनना। बीते हुए कल को जीने का कोई फ़ायदा नही और आने वाले कल को जीने की कोई वज़ह भी नही। जो वक़्त अभी चल रहा है उसे पूरी शिद्दत से जीना सही भी है और तमाम फ्यूचर ओवरथिंकिंग या पास्ट रिग्रेट से बचाव का सीधा सरल और अचूक उपाय भी है इसीलिए मैं चला घोड़ा बेच के सोने। 😉