एक भारतीय टीवी एंकर, लेखक, पत्रकार और लेखन, पत्रकारिता में मेरे आदर्श जो हर रोज मिलने वाली बजबजाती गालियों और गडगडा़ती तालियों के बीच अपना काम अनवरत करते रहे .. लिखते रहे. बोलते रहे,बिना डरे, बिना बदले .. जो भारतीय राजनीति और समाज से संबंधित विषयों को मुखरता के साथ जनता के सामने रखते रहे हैं, किसी भी विषय को जिस नजरिये से देखते हैं ,वो उनको औरों से अलग और ऊपर खड़ा कर देता है।
बिहार के पूर्व जिले के मोतीहारी में पैदा हुए, लोयोला हाई स्कूल, पटना, से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, और फिर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह दिल्ली आ गये फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया। अपनी उच्चस्तरीय पत्रकारिता, सत्य के प्रति निष्ठा, ईमानदार और निष्पक्ष पत्रकारिता के बूते आज उन्हें वर्ष 2019 के 'रैमॉन मैगसेसे' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अवॉर्ड देने वाले संस्थान ने कहा है कि उन्होंने अपनी पत्रकारिता के ज़रिए उनकी आवाज़ को मुख्यधारा में ले आए, जिनकी हमेशा उपेक्षा की जाती है। रैमॉन मैग्सेसे संस्थान की ओर से कहा गया है कि अगर आप लोगों की आवाज़ बनते हैं तो आप पत्रकार हैं और वाकई इस देश को आज रवीश कुमार जैसे निर्भीक स्पष्ट साहसिक और परिवर्तनकारी नेतृत्व वाले पत्रकार की आवश्यकता है। आपको रैमॉन मैगसेसे' पुरस्कार मिलने पर ह्रदय से हार्दिक शुभकामनाएँ।
हर रोज़ गिर कर भी
मुकम्मल खङे हैं
एै ज़िन्दगी देख,
मेरे हौंसले तुझसे भी बङे हैं
बिहार के पूर्व जिले के मोतीहारी में पैदा हुए, लोयोला हाई स्कूल, पटना, से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, और फिर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह दिल्ली आ गये फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया। अपनी उच्चस्तरीय पत्रकारिता, सत्य के प्रति निष्ठा, ईमानदार और निष्पक्ष पत्रकारिता के बूते आज उन्हें वर्ष 2019 के 'रैमॉन मैगसेसे' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अवॉर्ड देने वाले संस्थान ने कहा है कि उन्होंने अपनी पत्रकारिता के ज़रिए उनकी आवाज़ को मुख्यधारा में ले आए, जिनकी हमेशा उपेक्षा की जाती है। रैमॉन मैग्सेसे संस्थान की ओर से कहा गया है कि अगर आप लोगों की आवाज़ बनते हैं तो आप पत्रकार हैं और वाकई इस देश को आज रवीश कुमार जैसे निर्भीक स्पष्ट साहसिक और परिवर्तनकारी नेतृत्व वाले पत्रकार की आवश्यकता है। आपको रैमॉन मैगसेसे' पुरस्कार मिलने पर ह्रदय से हार्दिक शुभकामनाएँ।
हर रोज़ गिर कर भी
मुकम्मल खङे हैं
एै ज़िन्दगी देख,
मेरे हौंसले तुझसे भी बङे हैं

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